Thursday, September 8, 2011

Kuch khaas hai ismein..

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

एक एहसास है इसमें..
हलके से छूती हुई एक प्यास है इसमें..

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

वोह अन्दर आती हुई कुछ कह जाती है
संग अपने कितनी यादों को ले जाती है...

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

धुन्धती हुई कोई ठिकाना एक चेहरा बदहवास है इसमें..
किनारे पे बैठा वोह लड़का उदास है इसमें..

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

दिल की बातें सब समझ जाती है यह
फिर चुपके से किसी के आने का पैगाम दे जाती है

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

कुछ अच्छा होगा ऐसा आभास है इसमें
अपनों से मिलने की एक मिठास है इसमें

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

ख़ुशी के पलों मुस्कुराती हुई आती है यह
हस्ती खिलखिलाती  हुई एक सुकून दे जाती है यह

यह हवा ... कुछ ख़ास है इसमें...

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